ना होंगी भर्ती नई ना होगा रोजगार,
बेबस हो सोचें युवा ठग ले गई सरकार,
ठग ले गई सरकार तोड़ उम्मीदें सारी,
लगने वाली थी नौकरी अबकी बारी,
कहें कवि “निश्च्छल” छोड़ के सपने अच्छे,
बेचे युवा बैठ सड़क पर सस्ते कच्छे।
Sk mishra (निश्च्छल)
ना होंगी भर्ती नई ना होगा रोजगार,
बेबस हो सोचें युवा ठग ले गई सरकार,
ठग ले गई सरकार तोड़ उम्मीदें सारी,
लगने वाली थी नौकरी अबकी बारी,
कहें कवि “निश्च्छल” छोड़ के सपने अच्छे,
बेचे युवा बैठ सड़क पर सस्ते कच्छे।
Sk mishra (निश्च्छल)